item-thumbnail

समूचे विश्व के लिए प्रासंगिक है हमारा ज्ञान भण्डार

October 18, 2018

जवाहरलाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। आधुनिकता का चोला ओढ़े हमारे इतिहासकार और बुद्धिजीवी अकसर यह कहते फिरते हैं कि भारतीय समाज आरम्भ से ही धर्म और शा...

item-thumbnail

विकासवाद विज्ञान या परिकल्पना

March 15, 2018

रवि शंकर, कार्यकारी संपादक औरंगाबाद, महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय वैदिक सम्मेलन में पिछले दिनों केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह...

item-thumbnail

गणित में सबसे आगे था भारत

January 9, 2018

जवाहरलाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। पश्चिमी सभ्यता को मानने वालों का विश्वास है कि विज्ञान ग्रीस में जन्मा और वहीं से दुनिया भर में फैला। ज्ञान विज्...

item-thumbnail

अर्थव्यवस्था में राष्ट्र की संस्कृति का प्रतिबिम्ब हो

September 22, 2017

जवाहरलाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। शास्त्र के रूप में अर्थशास्त्र जैसा अमेरिका में पढ़ाया जाता है, उसी प्रकार हमारे देश में भी पढ़ाया जाता रहा है। ...

item-thumbnail

स्वच्छ कैसे होगी गंगा?

July 14, 2017

आनंद कुमार लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। प्रयाग नाम वाली पांच अलग अलग जगहें पास पास ही हैं। इनमें सबसे पहला है विष्णु प्रयाग। बद्रीनाथ के सतोपंथ से चल...

item-thumbnail

यूरोपीय चश्मे से न देखें भारत को

May 17, 2017

जवाहर लाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। भारत को कैसे समझें, यह प्रश्न प्रायः पूछा जाता है। लेकिन इस विषय पर अनंत बहस चलने के बावजूद कोई सार्थक उत्तर नह...

item-thumbnail

पूरब में ही जन्मा था आधुनिक विज्ञान

December 15, 2016

जवाहर लाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। लाखों वर्ष पहले जब किसी मनुष्य ने नदी में पूरे पेड़ को बहते हुए देखा होगा तो उसे जिज्ञासा हुई होगी कि यह इतना मो...

item-thumbnail

वाइरस को रोकते हैं फलियां और बीज

October 22, 2016

जवाहर लाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। बहुत से लोग कुछ खाद्य पदार्थोंं से इतने अभिभूत होते हैं कि वे यह घोषणा करने से भी नहीं चूकते कि अमुक अनाज, फल, ...

item-thumbnail

बात दही भात की

July 6, 2016

जवाहर लाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। किसी दक्षिण भारतीय ढाबे में बहुत लोग दही भात खाते हुए दिख जाते हैं। दक्षिण के राज्यों में यह आम बात है। दही चाव...

item-thumbnail

प्रयोगशालाओं की रानी पत्तागोभी

March 21, 2016

जवाहर लाल कौल लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। रोम में एक पुरानी कहानी कही जाती है। बीमारियों से तंग आकर शासकों ने एक बार गुस्से में नगर के सभी चिकित्सकों को ...

1 2