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यूरोपीय सच्चाई का भारतीय संस्करण

December 14, 2018

जय प्रकाश सिंह लेखक केन्द्रीय विश्वविद्यालय हि.प्र. में सहायक प्राध्यापक हैं। भारतीय दस्तावेजों को यूरोपीय नजरिए से व्याख्यायित करने के औपनिवेशिक चलन ...

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वाम मार्ग आधुनिक समाज का असली चेहरा

December 7, 2018

आनंद कुमार जैसे और क्षेत्रों में समूह-दल होते हैं, वैसे ही लेखन में भी होते हैं। संगठित क्षेत्रों में तो राजनैतिक और गैर राजनैतिक हितों की रक्षा के लि...

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भारतीय संग्रहालय और उपनिवेशवाद

March 15, 2018

समीक्षक किसी भी देश की कला, संस्कृति और इतिहास की प्रदर्शनी वहाँ के संग्रहालय होते हैं। संग्रहालय यानी एक ऐसा स्थान जहाँ उस देश अथवा स्थान के सांस्कृत...

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भारतीय रसायनशास्त्र का इतिहास

April 4, 2017

आनंद कुमार लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। प्रफुल्ल चन्द्र रे रसायन शास्त्रा के प्रोफेसर थे। सन 1897 में रसायनशास्त्रा के ही एक विद्वान उनसे प्रेसीडेंसी...

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पॉजिटिव साइंसेज ऑफ हिंदूज

April 4, 2017

जब भी कभी भारतीय विज्ञान की चर्चा होती है, कुछेक संस्कृत ग्रंथों का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उदाहरण के लिए वैशेषिक और सांख्य दर्शनों को विज्ञान व...

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प्राचीन भारत का विज्ञान समझाती पुस्तकें

April 4, 2017

जब भी कभी भारत के गौरवमय अतीत की चर्चा की जाती है, अक्सर यह कहा जाता है कि भारत अध्यात्म में तो काफी आगे रहा है, कुछेक वैज्ञानिक सिद्धांत भी संभवत: पत...

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भारतीय ज्ञान परंपरा की उद्गाता ‘वैदिक संपत्ति’

April 4, 2017

भारत पर सभ्यतागत आक्रमणों में एक बडा आक्रमण यहां की ज्ञान परंपरा पर किया गया था। भारतीय ज्ञान परंपरा का सबसे बडा आधार थे वेद और इसलिए अंग्रेजों सहित स...

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भारतीय समृद्ध ज्ञान परम्परा की वाहक पुस्तकें

April 4, 2017

रवि शंकर कार्यकारी संपादक इदं शस्त्राम्, इदं शास्त्राम्, शापादपि, शरादपि, भगवान परशुराम ने सहस्रार्जुन को कहा था। अर्थात्, मेरे एक हाथ में शास्त्रा है...

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