10 सितंबर 2022 की रात्रि को भारत के एक महान भूस्तर शास्त्री और इतिहासकार प्रो.बी बी लाल का नई दिल्ली में निधन हो गया। उनका जन्म 02 मई 1921 को झांसी में हुआ था । मृत्यु के समय उनकी मृत्यु १०० वर्ष से अधिक आयु में हुई । पर इस बारे में मीडिया अर्थात टीवी चैनल्स अथवा दूसरे संचार साधनों में कोई खबर नहीं थी ।
रामायण, महाभारत, वेद उपनिषद आदि को स्कूली किताबों में एक मायथोलोजी बताया गया, राम कृष्ण को काल्पनिक बताया गया, इन सभी को प्रो. बी बी लाल ने झुठा साबित किया था।
राम मंदिर जो अभी अयोध्या में बन रहा है उसका मूल कारण बी बी लाल थे जिन्होने ये साबित किया था कि राम मंदिर नामक देवालय वही था जिसे बाबर ने तोड़ दिया था।
प्रो. बी बी लाल के कारण ही भारत के हिंदुओ को पता चला है कि रामायण महाभारत कोई काल्पनिक बात नही है। सच में घटित हुई घटना थी, बी बी लाल ने ही द्वारिका नगरी पर शोध किया था। उन्होंने ही समुद्र में द्वारिका की शोध करने बाद उसपर रिसर्च की थी। भारत के रामायण और महाभारत काल के अवशेषों को खोज कर के उन्होंने ढेरो रिसर्च की थी। उनकी इस सेवा के कारण ही आज हम लोग उन अंग्रेजी और मुगलों के गुलाम लेफ्टिस्ट हिंदूओ के मुंह बन्द करवा पाए है जो राम को काल्पनिक साबित करना चाहते थे। आर्य लोग बाहर से आए थे इस थ्योरी को भी झूठा साबित कर दिया था।
प्रो. बी बी लाल की एक पुस्तक है:-
“इंद्रप्रस्थ : द बेकिंग टाइम ऑफ दिल्ली” और एक है …… “टाइम्स ऑफ ऋग्वेद एरा पीपल्स”
(ऋग्वेद के समय के लोग और व्यवस्था) और कई सारी पुस्तके है जिसे पढ़ना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है और इतनी अच्छे तरीके से उसमे साक्ष्य दिए गए है कि पुस्तक को १०/२० बार पढ़ने का मन हो ही जाएगा।
ऐसे अविस्मरणीय व्यक्तित्व को सादर प्रणाम और विनम श्रद्धांजलि
साभार : एस. के. जैन





