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महर्षि दयानंद की सभ्यतामूलक दृष्टि

March 21, 2016

रवि शंकर कार्यकारी संपादक यह देखना वास्तव में आश्चर्यजनक लग सकता है कि जिस समय यूरोप और अमेरिका में सभ्यताओं के संघर्ष की बात कही और उठाई जा रही थी, ठ...

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कितना सही है वैदिक वाङ्मय का पाश्चात्य कालक्रम

January 28, 2016

गुंजन अग्रवाल लेखक अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना में शोध सहायक हैं वैदिक वाङ्मय के काल-निर्धारण पर एक बार फिर से चर्चा और बहस प्रारम्भ हुई है। अबतक ऐ...

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विश्व में भारतीय संस्कृति के अन्वेषक

December 7, 2015

गुंजन अग्रवाल लेखक अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना में शोध सहायक हैं अनेक प्राच्यविद्याओं के आधिकारिक जानकार, अंतराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान एवं भा...

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टीम में नहीं चुने जाने की आशंका थी ध्यानचंद को

March 25, 2015

संजय श्रीवास्तव लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार हैं। वर्ष 1928 में एम्सटर्डम ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतना अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत की पहचान की ओर प...

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ध्यानचंद के डर से ब्रिटेन ने टाल दिया था ओलंपिक में खेलना

January 21, 2015

संजय श्रीवास्तव लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार हैं। क्या आपको मालूम है कि वर्ष 1928 के एमस्टर्डम ओलंपिक में जाने के लिए ब्रिटेन की टीम पूरी तैयारी कर चुकी थी...

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चांद की रोशनी में अभ्यास और गजब का जुनून

November 17, 2014

संजय श्रीवास्तव लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार हैं।   आजादी से पहले देश की दो ही शख्सियतें विदेशों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय थीं। भारत का नाम लेते ही लोग हमार...

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