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शरद त्रतुचर्या

October 13, 2014

राहुल पाराशर शरद ऋतु में पित्त स्वाभाविक रुप से कुपित अवस्था में रहता है। पित्त का पाचकस्वभाव दूर होकर वह हानिप्रद बन जाता है। परिणामस्वरुप भूख और जठर...

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हेमंत ऋतुचर्या (मार्गशीर्ष-पौष माह) 29 नवम्बर, 2012 से २7 जनवरी, 2013

September 9, 2014

वैद्य राहुल पाराशरहेमंत शीतकालीन ऋतु है। इसका समयकाल आमतौर पर नवम्बर से दिसम्बर तक जाता है, लेकिन हाल के बरसों में मौसम में हो रहे लगातार बदलाव से इसक...

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ग्रीष्म ऋतुचर्या

September 9, 2014

चरक संहिता में कहा गया है कि जो व्यक्ति ऋतु के अनुसार अनुकूल आहार विहार की जानकारी रखता है और तदनुसार आचरण भी करता है, उसके बल और गुणों की वृद्धि होती...

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पोषण की ऋतु है शिशिर

September 3, 2014

संत, ग्रीष्म और वर्षा देवी ऋतु हैं तो शरद, हेमंत और शिशिर पितरों की ऋतु है। शिशिर में कड़ाके की ठंड पड़ती है।यह ऋतु स्वास्थ्य साधना की ऋतु हैं। इस ऋतु...

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हेमन्त ऋतु चर्या (22 अक्टूबर 2013 से 21 दिसंबर 2013)

September 1, 2014

प्रयोग करेंहेमन्त ऋतु में पौष्टिकता तथा मधुर रसप्रधान आहार लेना चाहिए। पचने में भारी, पौष्टिकता से भरपूर, गरम व स्निग्ध प्रकृति के घी से बने पदार्थों ...

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वर्षा त्रतुचर्या 21 जून से 20 अगस्त, 2014

August 31, 2014

(सायणमान के अनुसार) ऋतुचर्या बताने का सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि इस की जानकारी के अभाव में हम सामान्यत: मौसम के मिजाज को समझते नहीं है और बदलते मौस...

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शिशिर ऋतु चर्या

August 31, 2014

डॉ. राहुल पाराशर : शिशिर में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वातावरण में सूर्य के अमृत तत्व की प्रधानता रहती है और शाक, फल, वनस्पतियां उस अमृत तत्व से पुष्ट ह...

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ग्रीष्म ऋतु

August 31, 2014

ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की तीखी किरणों के द्वारा शरीर के द्रव तथा स्निग्ध अंश का शोषण होता है, जिससे दुर्बलता, अनुत्साह, थकान, बेचैनी आदि का अनुभव होता ...

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वसंत ऋतुचर्या (फाल्गुन-चैत्र माह) १८ फरवरी से २० अप्रैल, 2013

September 10, 2013

(सायणमान के अनुसार)सुंदर वसंत ऋतु में आयुर्वेद ने खान-पान में संयम की बात कहकर व्यक्ति एवं समाज की नीरोगता का ध्यान रखा है। इस ऋतु में लाई, भूने हुए च...