बचपन में ही दें : गौसेवा के संस्कार

गोरक्षा की बात सबलोग कर रहे हैं, लेकिन जबतक गोमाता के प्रति दृष्टि पशुतावाली ही रहेगी, तब तक गोमाता की रक्षा कैसे हो सकेगी? आज भी स्कूल में बच्चे को सिखाया जाता है : “काऊ मीन्स गाय”। गाय क्या है? “The cow is a useful domestic animal.” (“गाय एक उपयोगी घरेलू पशु है”) स्कूल जानेवाला बच्चा अंग्रेजी में पहला निबंध गाय पर ही लिखता है। नन्हे-मुन्ने बच्चों को पहली कक्षा से रटाया जाता है : “The cow is a useful domestic animal.” जो बच्चे अपने स्कूली जीवन से यह रटते आ रहे हैं कि गाय एक एनीमल या पशु है, उनके दिल में यह भावना कहाँ से आएगी कि गाय चार पैरवाली पशु नहीं है, गाय हमारी माँ है? क्या हम स्कूलों में गाय को ‘गोमाता’ कहकर नहीं पढ़ा सकते? दुर्भाग्य यह है कि बहुत से धार्मिक संगठन गोमाता को “राष्ट्रीय पशु” का दर्ज़ा देने की मांग कर रहे हैं।

पाकिस्तान में गाय के विषय में क्या पढ़ाया जाता है, यह पढ़िए….
The Cow Essay in English
The cow is a useful animal. It is kept in the houses. In villages, people raise cows to get milk. Its milk is a good diet. It tastes sweet and delicious. Children love to drink it. It is very nourishing. It is also used for making curd, butter and many sweets. The cow is fed with grass, flour, oil cakes and bread. Oil cakes are its favorite food. In villages and hilly areas, it is set free to graze in grassy fields. It is of many kinds and colors. It looks really beautiful. it bears two horns on its head. They lend charm and beauty to its look. People like to have those cows that yield plenty of milk. When a cow stops yielding milk, it is slaughtered. Its meat is eaten with relish. Its hide is used in making various things of leather. In short, it is very popular among the masses. (http://blogginginpakistan.blogspot.com/2014/02/the-cow-essay-in-english.html)
(गाय एक उपयोगी जानवर है। इसे घरों में रखा जाता है। गाँवों में लोग दूध पाने के लिए गाय पालते हैं। इसका दूध एक अच्छा आहार है। इसका स्वाद मीठा और स्वादिष्ट होता है। बच्चे इसे पीना पसंद करते हैं। यह बहुत पौष्टिक है। इसका उपयोग दही, मक्खन और कई मिठाइयों को बनाने के लिए भी किया जाता है। गाय को घास, आटा, खल्ली और रोटी खिलाया जाता है। ऑयल केक इसका पसंदीदा भोजन है। गाँवों और पहाड़ी क्षेत्रों में, घास के मैदानों में चरने के लिए स्वतंत्र है। यह कई प्रकार और रंगों का होता है। यह वास्तव में सुंदर लगता है। इसके सिर पर दो सींग होते हैं, जो आकर्षक होते हैं। लोग उन गायों को पालना पसंद करते हैं जो दूध का भरपूर उत्पादन करती हैं। जब एक गाय दूध देना बंद कर देती है, तो उसको मार दिया जाता है। इसके मांस को स्वाद के साथ खाया जाता है। इसकी खाल का उपयोग चमड़े की विभिन्न चीजों को बनाने में किया जाता है। संक्षेप में, यह जनता के बीच बहुत लोकप्रिय है।)

अपने देश में छोटे बच्चे को प्रारम्भ से ही यह बताया जाए कि यह ‘गोमाता’ है, उसे ‘गाय’ या ‘काऊ’ कभी न बता जाए, तो वह बच्चा जीवनभर ‘गाय’ या ‘काऊ’ नहीं कहेगा, ‘गोमाता’ ही कहेगा। फिर गोमाता के प्रति उसकी श्रद्धा दिन दूनी बढ़ती ही जाएगी। फिर उसे यह कभी नहीं बताना पड़ेगा कि यह भी माँ है और इसकी रक्षा करनी है। वह स्वप्रेरणा से गोमाता की रक्षा करेगा।

मेरी चार साल की बिटिया सिद्धि को गोमाता से इतना अधिक लगाव है कि जब भी कहीं या घर के दरवाजे पर गोमाता को देखती है, दौड़कर उनके पास पहुँच जाती है और पकड़कर पुचकारने लगती है और ज़रा भी नहीं डरती। चाहे गोमाता आकार में कितनी भी लम्बी-चौड़ी क्यों न हो। “गोमाता को रोटी खिलाओ”, “गोमाता को जल पिलाओ”… और न जाने क्या-क्या कहने लगती है…। “कहाँ से आई हो सिद्धि?” पूछने पर कहती है “गोलोक’ से आई हूँ….”। बच्चों को यह संस्कार देने की महती आवश्यकता है।