क्या यह 18 मार्च पृथिवी का 1 अरब 97 करोड़ 29 लाख 49 हजार 117 वां जन्म दिन है ………..

इस वर्ष 18 मार्च को पडने वाली चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल भारत का ही नववर्ष नहीं है बल्कि यह खगोलीय नववर्ष भी है। पूरे विश्व का नववर्ष है। यह पृथिवी का जन्मदिन भी है। सोचने की बात है कि आखिर कैसे पता चलेगा कि यही दिन पृथिवी का जन्मदिन है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र और आधुनिक विज्ञान के सिद्धांत दोनों इस बात की पुष्टि करते हैं। प्रसिद्ध अंतरिक्ष विज्ञानी डॉ. ओमप्रकाश पांडेय के अनुसार हमें यह ज्ञात है कि पृथिवी पैदा होते ही घूमने लगी थी। न्यूटन का गति का सिद्धांत कहता है कि यदि कोई बाह्य बल न लगे तो घूमने की गति समान बनी रहेगी। स्पष्ट है कि पृथिवी अपने जन्मकाल से ही घूम रही है। दूसरी बात हमें पता है कि पृथिवी के परिक्रमा पथ को बारह राशियों में बाँटा गया है। पृथिवी अपनी परिक्रमा मेष राशि से प्रारंभ कर मीन राशि में पूर्ण करती है। मेष राशि शून्य डिग्री है और मीन राशि में 360 डिग्री पूरा होता है। इस प्रकार मेष राशि पृथिवी के घूर्णन का प्रारंभ बिंदु है। मेष राशि में प्रवेश का काल ही पृथिवी का जन्मदिन है। इसलिए चैत्र प्रतिपदा पृथिवी का जन्मदिन है।
भारतीय ज्योतिष की बात आधुनिक विज्ञान से भी सही साबित होती है। ऐसे में इस नववर्ष को केवल भारत तक सीमित रखना ठीक नहीं। यह तो वैश्विक नववर्ष है। यह सही है कि इस बात को सर्वप्रथम कहने वाले हम भारतीय ही हैं, परंतु इसका प्रभाव क्षेत्र समस्त विश्व ही है। तो इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत् 2075 को हम केवल नववर्ष नहीं मनाएं, बल्कि पृथिवी का जन्मदिन मनाएं। पृथिवी का चिंतन करें, उसकी सुरक्षा का व्रत लें। …… More