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स्वतंत्रता संग्राम के महायोद्धा बाल गंगाधर तिलक

0 October 13, 2014

सुरेश चिपलूनकर, उज्जैन (मप्र) ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूँगाÓ… ऐसी सिंह गर्जना करने वाले तिलक, अर्थात ‘ल...

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प्राचीन भारतीय आर्थिक विचारक मनु

0 September 9, 2014

प्राचीन भारतीय अर्थशास्त्रियों के आर्थिक विचारों से आधुनिक युग के अर्थशास्त्री सर्वथा अपरिचित से प्रतीत होते हैं। जिस एक ‘श्रम सिद्धान्त’क...

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गोरक्षा का धर्म

0 September 9, 2014

महात्मा गांधीमेरे विचार से गोरक्षा का प्रश्न स्वराज के प्रश्न से छोटा नहीं है। कई बातों में इसे मैं स्वराज के प्रश्न से भी बड़ा मानता हंू। मैं मानता ह...

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सभ्यता की शक्ति ही भारत की शक्ति है

0 September 9, 2014

भारत के राजनेताओं का यह कत्र्तव्य है कि वे चुनाव से पहले मतदाताओं को अर्थात् राष्ट्र को यह बतलाएँ कि उनकी दृष्टि में भारत का बल क्या है और भारत की निर...

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भारत की आर्थिक समृद्धि का स्वरूप

0 September 9, 2014

जब द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की अवधि में तथाकथित तीसरी दुनिया के देशों के विकास का प्रश्न सामने लाया गया, तब तक इन बुनियादी विश्वासों की प्रामाणिकता प...

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जिन्हें विकास चाहिए बलिदान भी वही करें

0 September 3, 2014

विमल भाई : नदियां हमारी संस्कृति और सभ्यता की प्रतीक हैं। पूरी दुनिया में सभ्यताएं नदियों के किनारे ही विकसित हुईं हैं। मानव सभ्यता के विकास में इनका ...

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गांवों से होगा भारत का विकास

0 August 31, 2014

रवि शंकर : देश में आम चुनाव चल रहे हैं और इन चुनावों में सभी राजनीतिक दल विकास की बातें कर रहे हैं। विकास यानी कि सड़क-बिजली और पानी, विकास यानी कि रे...