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कालिदास, शकुन्तला और भारत का भविष्य

January 21, 2017

विश्व नाट्य विद्या का जनक संस्कृत के महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुन्तलम् को माना जाता है अभिज्ञानशाकुन्तलं का विश्व की अनेक भाषाओं मे अनुवाद हुआ विश...

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धरोहर के संरक्षण का संकल्प

January 21, 2017

उन्नीसवीं शताब्दी में अंग्रेजों के भारत पर कब्जा करने से पहले भारत में केवल भारतीय सामाजिक चिंतन तथा आर्थिक विकास की नीतियों का ही पालन किया जाता था त...

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दीनदयाल जी का एकात्म चिंतन और आतंकवाद में झुलसता विश्व

December 15, 2016

पिछले दिनों दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद के हल के रूप में एकात्म मानववाद को प्रस्तुत किया गया है। एक तरह से देखें तो यह ठीक भी लगता है। आतंकवाद पनपता है...

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विकास के लिए आवश्यक है धरोहर का संरक्षण

October 22, 2016

भारत विविधताओं से भरा देश है खान-पान रहन-सहन, भाषायें वेशभूशा सभी प्रकार की विभिन्नता यहाँ के सौन्दर्य को परिपुष्ट करती है। ज्ञान-विज्ञान की आदि धरा व...

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सांस्कृतिक सीमाएं और शांति की संभावनाएं

October 22, 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र बलोचिस्तान की बात कह कर बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। कई लोग प्रधानमंत्री के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं। ...

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योग: कर्मसु कौशलम्

July 6, 2016

कर्मों में कुशलता का नाम योग है। भारत की प्रचीन धरोहरों में योग का महत्त्वपूर्ण स्थान है। भारतीय संस्कृति कर्म प्रधान आध्यात्मिकता से युक्त हैं। कर्म ...

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इस धरोहर को भी बचाईए

July 6, 2016

भारत में मीडिया का एक बड़ा वर्ग तथा राजनीति दल गंगा जमुनी तहजीब की बात करता हैं पर यहां ऐसी कोई तहजीब है ही नही। ऐसी कोई तहजीब होती भी नहीं है। वैसे भ...

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भारत की धरोहर है राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना

March 21, 2016

वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिता: यनि हम राष्ट्र को जगाने वाले पुरोहित है। इस वाक्य के द्वारा राष्ट्र की सर्वप्रथम संकल्पना वेदों ने की थी। उत्तर से दक्ष...

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