item-thumbnail

नवरात्रों का वैज्ञानिक महत्त्व

March 19, 2018

डॉ. ओमप्रकाश पांडेय लेखक प्रसिद्ध अंतरिक्षविज्ञानी हैं। भारतीय अवधारणा में हिरण्यगर्भ जिसे पाश्चात्य विज्ञान बिग बैंग के रूप में देखता है, से अस्तित्व...

item-thumbnail

क्यों नहीं लगती लौह स्तंभों पर जंग वज्रसंघात लेप

March 15, 2018

अजय कर्मयोगी लेखक साबरमती गुरुकुल से संबद्ध है। लौहस्तंभ को देखकर किसे आश्चर्य नहीं होता। यह किस धातु का बना कि आज तक उस पर जंग नहीं लगा। ऐसी तकनीक गु...

item-thumbnail

बड़ी चमत्कारी है हमारी जैविक घड़ी

January 15, 2018

पूनम नेगी लेखिका स्वतंत्र पत्रकार हैं। कभी सोचा है कि क्यों रात को एक तय समय पर पलकें झपकने लगती हैं और सुबह एक तय समय पर खुद व खुद हमारी आंखें खुल जा...

item-thumbnail

सैन्य विज्ञान था धनुर्वेद

January 9, 2018

विवेक भटनागर लेखक इतिहास के विद्वान हैं। धनुर्वेद एक उपवेद है। इसके अन्तर्गत धनुर्विद्या या सैन्य विज्ञान आता है। दूसरे शब्दों में, धनुर्वेद, भारतीय स...

item-thumbnail

श्राद्ध और पितृपक्ष का वैज्ञानिक महत्व

September 29, 2017

डॉ. ओमप्रकाश पांडे लेखक अंतरिक्ष विज्ञानी हैं। श्राद्ध कर्म श्रद्धा का विषय है। यह पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम है। श्राद्ध आत्म...

item-thumbnail

सृष्टि का रहस्य जानते थे भारतीय

July 14, 2017

डॉ. ओमप्रकाश पांडे लेखक अंतरिक्षविज्ञानी हैं। सृष्टि विज्ञान के दो पहलू हैं। पहला पहलू है कि सृष्टि क्या है? आधुनिक विज्ञान यह मानता है कि आज से 13.7 ...

item-thumbnail

शब्दों से समझिए भारतीय गणित की विकास यात्रा को

July 14, 2017

सुद्युम्न आचार्य निदेशक वेद वाणी वितान, प्राच्य विद्या शोध संस्थान, सतना (म.प्र) शब्दों में भी अनेक प्रकार के परिवर्तन होते रहते हैं। ये शब्द समाज की ...

item-thumbnail

वेदों में जल और नौका विज्ञान

May 18, 2017

कृपाशंकर सिंह लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार है। ऋग्वेद मे कुएँ का उल्लेख अनेक ऋचाओं में हुआ है। इससे पता चलता है कि ऋग्वेदिक काल में सिंचाई के साधनों में क...

item-thumbnail

हजारों वर्ष पूर्व भी हम करते थे विद्युत का उपयोग

December 22, 2016

डॉ. अशोक कुमार तिवारी कहा जाता है कि बिजली का अविष्कार अंग्रेज वैज्ञानिकों वोल्टा, कूलम्ब, अम्पीयर, एडिसन, फराडे आदि ने सत्राहवीं से उन्नीसवीं शताब्दी...

item-thumbnail

सबके कल्याण के लिए बनी थी भारतीय धातुकर्म की परंपरा

October 22, 2016

आर.के.त्रिवेदी लेखक ऑर्कियोकेमिस्ट हैं। विश्व के कल्याण का भाव लेकर ही भारत में धातुकर्म विकसित हुआ था। धातुकर्म के कारण ही भारत में बड़ी संख्या में वि...

1 2