सुबह का नाश्ता पूर्ण भोजन की तरह लेना क्यों आवश्यक है?

अन्य शब्दों में कहें तो “एकाशनभोजनं सुखपरिणामकराणां” व “कालभोजनमारोग्यकराणां” अर्थात एक बार व नियत काल या समय पर भोजन करना–न कि जब इच्छा हो तब—क्रमशः सुखकारी और आरोग्यकारी क्यों होता है? आइये, आधुनिक वैज्ञानिक शोध से प्राप्त निष्कर्ष और आयुर्वेद की एकीकृत स्थिति देखते हैं|

वर्ष 2018 में प्रकाशित एक क्लिनिकल ट्रायल से स्पष्ट हुआ है कि सुबह भूख लगते ही किया गया भोजन इंसुलिन संवेदनशीलता, कोशिका प्रतिक्रिया, रक्तचाप, ऑक्सीडेटिव तनाव और भूख में सुधार करता है। इसके साथ ही कार्डियोमेटाबोलिक स्वास्थ्य के अनके पहलुओं में भी सुधार होता है और यह सब प्रभाव वजन घटने के कारण नहीं बल्कि सर्कैडियन रिदम, चयापचय की बेहतर स्थिति और भोजन लेने के समय में तारतम्य बैठाने के कारण होता है (देखें सन्दर्भ 3)।

असल में मनुष्यों में इंसुलिन संवेदनशीलता, बीटा-कोशिका प्रतिक्रिया और भोजन का ऊष्मीय प्रभाव दोपहर या शाम की तुलना में सुबह बेहतर होते हैं| इसका तात्पर्य यह हुआ कि मानव चयापचय दोपहर या शाम की बजाय सुबह खाना खाने के लिये अनुकूलित है (देखें सन्दर्भ 4-6)।

मनुष्यों में किये गये अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि सर्कैडियन रिदम व चयापचय से तारतम्य बैठाते हुये नाश्ते के समय भोजन का सेवन बढ़ाकर व दोपहर और शाम को कम करने से ग्लाइसेमिक नियंत्रण, वजन घटाने और लिपिड स्तर में सुधार होता है और भूख में भी कमी आती है| इससे स्पष्ट होता है कि भोजन ग्रहण करने के समय की स्वास्थ्य के लिये महत्वपूर्ण भूमिका है (देखें सन्दर्भ 7-10)|

एक बार खाने से यदि आपका काम नहीं चलता और आपकी अग्नि दुरुस्त है तो अधिक से अधिक सिर्फ दो बार खाना खा सकते हैं| प्रातः पूर्ण किन्तु हितकारी व उचित मात्रा में भोजन लें| शाम का भोजन तुलनात्मक रूप से कम मात्रा में परन्तु भूख की स्थिति देखकर हितकारी आहार लें| बार बार दिन भर खाते रहने वाले दीर्घायु, सुखायु, हितायु अर्थात पूर्ण आरोग्य नहीं प्राप्त कर सकते| नियत काल या समय पर भोजन करना ही श्रेष्ठ है| टाइम-रिस्ट्रिक्टेड फीडिंग पर 1982 से 2019 के बीच प्रकाशित 129 शोधपत्र, प्राचीन भारत के महर्षि-वैज्ञानिक आचार्य अग्निवेश द्वारा 5000 साल पुराने दिये गये इस सिद्धांत को अब निर्विवाद सिद्ध कर चुके हैं|

सन्दर्भ–
1. “कालभोजनमारोग्यकराणां श्रेष्ठम्” — च.सू.25.40
Intake of food in time or time-restricted feeding, and not ad libitum feeding, is the best strategy to promote health.
नियत काल या समय पर भोजन करना–न कि जब इच्छा हो तब–आरोग्य देने में श्रेष्ठ है|
2. Pandey, D.N. 2019. Time-Restricted Feeding: An Annotated Bibliography of published research 1982-2019. Jaipur, India.
3. Sutton, E. F., R. Beyl, K. S. Early, W. T. Cefalu, E. Ravussin and C. M. Peterson (2018). “Early Time-Restricted Feeding Improves Insulin Sensitivity, Blood Pressure, and Oxidative Stress Even without Weight Loss in Men with Prediabetes.” Cell Metabolism 27(6): 1212-1221.e1213.
4. C.J. Morris, J.I. Garcia, S. Myers, J.N. Yang, N. Trienekens, F.A. Scheer. The human circadian system has a dominating role in causing the morning/evening difference in diet-induced thermogenesis. Obesity (Silver Spring), 23 (2015), pp. 2053-2058
5. C.J. Morris, J.N. Yang, J.I. Garcia, S. Myers, I. Bozzi, W. Wang, O.M. Buxton, S.A. Shea, F.A. Scheer. Endogenous circadian system and circadian misalignment impact glucose tolerance via separate mechanisms in humans. Proc. Natl. Acad. Sci. USA, 112 (2015), pp. E2225-E2234
6. E. Poggiogalle, H. Jamshed, C.M. Peterson. Circadian regulation of glucose, lipid, and energy metabolism in humans. Metabolism 84 (2018), Pages 11-27.
7. M. Garaulet, P. Gómez-Abellán, J.J. Alburquerque-Béjar, Y.C. Lee, J.M. Ordovás, F.A. Scheer. Timing of food intake predicts weight loss effectiveness. Int. J. Obes., 37 (2013), pp. 604-611.
8. D. Jakubowicz, M. Barnea, J. Wainstein, O. Froy. Effects of caloric intake timing on insulin resistance and hyperandrogenism in lean women with polycystic ovary syndrome. Clin. Sci., 125 (2013), pp. 423-432.
9. D. Jakubowicz, M. Barnea, J. Wainstein, O. Froy. High caloric intake at breakfast vs. dinner differentially influences weight loss of overweight and obese women. Obesity (Silver Spring), 21 (2013), pp. 2504-2512.
10. T. Ruiz-Lozano, J. Vidal, A. de Hollanda, F.A.J.L. Scheer, M. Garaulet, M. Izquierdo-Pulido. Timing of food intake is associated with weight loss evolution in severe obese patients after bariatric surgery. Clin. Nutr., 35 (2016), pp. 1308-1314