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आज भारत को दृढ़ संकल्पित नेतृत्व चाहिए

April 1, 2015

एकात्म मानववाद के प्रणेता पं.दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन में स्वामी विवेकानन्द जी के जिन दो सूत्रों की समानता दिखाई देती है, उनमें एक है ” धर्म को...

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व्यवस्थापरिवर्तन के लिए सुराज चाहिए

April 1, 2015

“स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है” इस नारे के साथ देश की आजादी के लिए लाखों युवा देशभक्तों ने स्वयं को बलिदान किया था। स्वदेशी वस्तुओ...

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सजगता ने ही बनाया था भारत को शस्य श्यामला

April 1, 2015

भारत गांवों का देश था और आज भी है। यहां सम्पन्नता, खुशहाली और समृद्धि की पूजा होती रही है। फसलों के पकने पर आनन्दित होकर उत्सवों का आयोजन करना हमारी प...

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भारत के इतिहास में है आर्थिक समस्या का समाधान

April 1, 2015

आज भारत की आर्थिक व्यवस्था डगमगा रही है। अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त डालर के मुकाबले में रुपया अत्यन्त कमजोर हो रहा है। उद्योग...

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क्या विवाह के लिए अनिवार्य है जन्म कुंडली मिलाना

March 25, 2015

{jathumbnail off} संगीता पुरी लेखिका गत्यात्मक ज्योतिष की विशेषज्ञ हैं। आए दिन हमारी भेंट ऐसे अभिभावकों से होती है, जो अपने बेटे या बेटी के विवाह न हो...

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खून सफेद

March 25, 2015

लगभग सौ वर्ष पूर्व की ईसाई-मतांतरण और हिंदू-समाज की मूर्खता पर प्रेमचंद द्वारा लिखी गई यह पहली कहानी है। स्वामी विवेकानंद ने भी लगभग बीस वर्ष पहले हिं...

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टीम में नहीं चुने जाने की आशंका थी ध्यानचंद को

March 25, 2015

संजय श्रीवास्तव लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार हैं। वर्ष 1928 में एम्सटर्डम ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतना अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत की पहचान की ओर प...

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वैदिक विज्ञान में माइक्रोबायोलॉजी और मानव स्वास्थ्य

March 25, 2015

सुबोध कुमार लेखक इलैक्ट्रीकल इंजीनियर और वेदों के अध्येता हैं। पृथ्वी पर समस्त जीवन का आधार ही सूक्ष्म जीवाणु हैं और सारे सूक्ष्म जीवाणु केवल रोगों के...

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